बजट 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? छात्रों और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं!
हम चर्चा करेंगे कि बजट 2025-26 में जो पेश किया गया उसको
हम विस्तार से अपनी सरल भाषा में सरल शब्दों में समझेंगे। उसको पहले तो यह चर्चा करेंगे कि बजट क्या होता है, इसकी हम चर्चा करेंगे। तो अगर आप बजट की बात करें तो यह होता है किस प्रकार किस क्षेत्र में कितना खर्च करेगी सरकार, पैसे कहां से लाएगी, सरकार के पास पैसे कब तक रहेंगे तो वह किस तरह से कैसे लगेगी, विभिन्न क्षेत्रों में कितना-कितना खर्च करेगी चाहे वह सेना क्षेत्र हो, चाहे वह कृषि क्षेत्र हो, चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर हो, चाहे एजुकेशन हो, ऐसे-ऐसे क्षेत्रों में कैसे उसको बनाए रखेगी इसके बारे में। हालांकि अगर आम बात में अपने घर के बजट को लेकर समझें तो होता है |
जैसे कि पापा की सैलरी जो आती है तो सैलरी आने से पहले पापा क्या करते हैं कि उसका हिसाब लगाकर बैठे रहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई के लिए कितना खर्च करेंगे और राशन-पानी पर कितने पैसे खर्च करेंगे, हॉस्पिटल-दवा का खर्चा कितना करेंगे, अपने कपड़ों पर, गाड़ी पर कैसे खर्च करेंगे, अगर उनके पास पैसे कम पड़ जाएं इसके बारे में योजना बनाते हैं।
तो हम चर्चा करेंगे कि बजट क्यों जरूरी है।
हाल ही में 2025-26 में लागू किया गया बजट उस पर चर्चाएं बहुत सारी जगह हो रही हैं, न्यूज़ में, टीवी चैनल पर, हर जगह, हर क्षेत्र में हो रही है। हालांकि यह केवल 2025-26 का मुद्दा नहीं है, हर साल बजट पेश किए जाते हैं।
वह बजट फिक्स तारीख पर होते हैं, 1 फरवरी को यानी फरवरी की पहली तारीख को बजट पेश हो जाते हैं कि बजट में क्या-क्या होने वाला है, सरकार ने इसमें क्या-क्या लाई है, क्या-क्या करेगी उसके बारे में चर्चा करते हैं। अपने सरल शब्दों में कि 2025-26 में बजट क्यों जरूरी है।
हर साल भारत में केंद्रीय बजट तैयार किया जाता है कि वह अगले साल में कितने पैसे की उम्मीद कर रही है, कि वह अपना पैसा किन-किन क्षेत्रों में खर्च करेगी, किन-किन जरूरी कार्यों में खर्च करेगी। यह बजट पहले क्या होता था कि 1 अप्रैल से लागू होता था और पूरे वित्तीय वर्ष यानी 31 मार्च तक चलता है।
बजट 2025-26 इसलिए महत्वपूर्ण बन रहा है क्योंकि इसमें आने वाले समय में बड़ी-बड़ी योजनाएं और नीतियों की दिशाएं होती हैं। इस बजट में शिक्षा, रोजगार, खेती, स्वास्थ्य, सड़क, डिजिटल सुविधा और आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह बजट पेश किया गया।
2025-26 का बजट सिर्फ सरकार की कोई कागजी रिपोर्ट नहीं है, इसका सीधा असर हमारे रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। इसमें हम चर्चा करेंगे।
इसकी हम चर्चा करेंगे कि छात्रों को कैसे शिक्षा सुविधा मिलेगी, युवाओं के लिए नौकरी और करियर के कितने अवसर होंगे, किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलेगा या नहीं मिलेगा, आम आदमी की जो कमाई होगी, बचत होगी, खर्च पर उनका क्या असर पड़ेगा उसको जानने के लिए जरूरी होता है।
इसलिए इसी वजह से 2025-26 के बजट को समझना सिर्फ विशेषज्ञों के लिए नहीं बल्कि हर नागरिक, छात्र और हर परिवार के लिए जरूरी होता है।
हमने पहले ही चर्चा कर लिया था बजट क्या है, इसके बारे में। सरकार पैसा कहां से कब आएगी जैसे टैक्स वगैरा और सरकार पैसे किन-किन कार्यों पर खर्च करेगी।
बजट के दो भाग होते हैं - एक होता है राजस्व बजट और दूसरा होता है पूंजीगत बजट।
राजस्व बजट - इसमें सरकार की रोजमर्रा की खर्च शामिल होती है मतलब कि कहने का मतलब वह खर्च जो होती है जैसे कि हमारे रोजमर्रा की खर्च होती है - राशन, खाना-पीना, यह सब। उसमें क्या होता है जैसे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और उनके पेंशन-भत्ते, गरीब और जरूरतमंद लोगों को दी जाने वाली सहायता जो भी हो, सरकारी दफ्तर और परियोजनाओं का नियमित खर्चा जो भी होता है। जैसे मान लीजिए संसद चलता है तो जो रोज-रोज की खर्च होती है जैसे उनकी चाय वगैरा, यह सब खर्च होती है।
पूंजीगत बजट - इसमें क्या होता है कि इसमें लंबे समय के विकास से जुड़ी खर्च शामिल होती है। जिसकी अगर हम बात करें तो जैसे सड़कें बनवाना, पुल बनवाना और एक्सप्रेसवे बनवाना, यह सब जो खर्च हैं वह लंबे समय तक के लिए होते हैं तो यह पूंजीगत बजट में आ जाते हैं और अस्पताल बनवाना और अन्य बड़े-बड़े प्रोजेक्ट जो होते हैं वह।
हालांकि हम बात करें तो मतलब इन दोनों बजटों को समझने से आसानी हो जाती है कि सरकार जो है रोजमर्रा के काम और भविष्य के विकास के लिए कितना संतुलन कैसे बनाए रखती है, इसके बारे में जानकारी मिल जाती है।
| विषय | राजस्व बजट (Revenue Budget) | पूंजीगत बजट (Capital Budget) |
| सरल मतलब | यह सरकार के रोज़ाना के कामकाज और खर्चों का हिसाब है। | यह सरकार के लंबे समय के निवेश और कर्ज का हिसाब है। |
| कमाई (प्राप्तियां) | ऐसी कमाई जिससे न तो सरकार पर कर्ज बढ़े और न ही संपत्ति कम हो। उदाहरण: टैक्स (GST, Income Tax), फीस, जुर्माना। | ऐसी कमाई जिससे या तो सरकार पर कर्ज बढ़े या संपत्ति कम हो। उदाहरण: लिया गया कर्ज, सरकारी कंपनियों के शेयर बेचना (Dinvestment)। |
| खर्चा (व्यय) | ऐसा खर्चा जिससे कोई नई संपत्ति (Asset) नहीं बनती। उदाहरण: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, कर्ज का ब्याज, सब्सिडी। | ऐसा खर्चा जिससे देश के लिए नई संपत्ति बनती है। उदाहरण: सड़कें, रेलवे, पुल, स्कूल, अस्पताल बनाना या पुराने कर्ज चुकाना। |
| असर | यह देश की वर्तमान स्थिति को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है। | यह देश के भविष्य के विकास (Growth) के लिए ज़रूरी है। |
एक बहुत ही महत्वपूर्ण बजट 2025-26 के मुख्य उद्देश्य -
इसका मुख्य उद्देश्य क्या है, इसके बारे में चर्चा करेंगे। क्या था कि इस बजट का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना था। यह बताया था कि 2047 तक हमारा देश जो है वह विकसित देशों में शामिल हो जाएगा।
हालांकि हमारा देश अभी विकसित नहीं है लेकिन उन्होंने दावा किया है कि 2047 तक हमारा देश जो है वह विकसित देशों में चला जाएगा। हालांकि अगर बात करें तो भारत की GDP लगभग 4.30 ट्रिलियन डॉलर है।
2025-26 बजट के जो उद्देश्य हैं जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले और बच्चों और युवाओं को अच्छी, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, महंगाई को काबू में रखना ताकि आम आदमी, गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत मिले, देश की आर्थिक स्थिति को स्थिर और मजबूत बनाए रखना। ये सभी उद्देश्य सीधे-सीधे हमारे समाज से जुड़े हुए हैं और हर व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से प्रभावित होता है।
इसलिए छात्रों के लिए 2025-26 का बजट वह क्यों महत्वपूर्ण है, इसमें हम चर्चा करें।
छात्र देश का भविष्य हैं, इस कारण जो बजट है वह शिक्षा पर खासकर ध्यान दिया जाता है। बजट 2025-26 तय करता है कि आने वाले समय में स्कूल-कॉलेज की सुविधा कैसी होगी, पढ़ाई कितनी सुलभ होगी।
हालांकि क्या होता है कि अभी फिलहाल में कुछ राज्य स्तरों पर तो सरकारी स्कूल अच्छे हैं पर कुछ राज्यों में देखें तो स्थिति थोड़ी सी गंभीर है कि बच्चों को अच्छी सुविधा नहीं मिल पाती है, टीचर भी अच्छे उपलब्ध नहीं हैं, टीचरों की कमी है, उनको खेलने के लिए मैदान वगैरा नहीं हैं, अच्छी सुविधाएं नहीं पहुंच पाती हैं। कभी-कभी तो ऐसी जो व्यवस्था है वह, हालांकि अलग-अलग राज्यों में स्थिति है लेकिन कहीं पर देखें दिल्ली में जैसे कि यहां पर प्राइमरी स्कूल जो सरकारी स्कूल हैं वह सुविधाएं उसमें अच्छी खासी मिलती हैं। तो उसी के लिए हम थोड़ा सा चर्चा करेंगे कि छात्रों के लिए क्या-क्या जरूरी है।
छात्रों के लिए क्या-क्या बेहतर हो सकता है -
इसके अंतर्गत सरकारी स्कूल में नए क्लासरूम और लाइब्रेरी। सरकार का ऐलान है कि वह सरकारी स्कूल में क्लासरूम में सब सुविधाएं देंगे - डिजिटल बोर्ड, ऑनलाइन क्लासेस और ई-लर्निंग सुविधाएं। डिजिटल बोर्ड जो हालांकि पहले क्या होता है।
इंजीनियरिंग वगैरा क्षेत्र में स्कॉलरशिप और फ्री कोचिंग के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी और फ्री में कोचिंग मिलेगी, वहां पर फ्री में कोचिंग की सुविधा मिलेगी। इंजीनियरिंग और मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी की जाएगी। पहले सीटें कम थीं मेडिकल लाइन में, इंजीनियरिंग क्षेत्र में।
क्या करेगी सरकार कि उसकी संख्या बढ़ाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए - यहां पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो कोचिंग संस्थाएं हैं वह बहुत ज्यादा पैसे लेती हैं, कभी-कभी तो बहुत ज्यादा पैसे लेती हैं। सरकारी प्लेटफॉर्म पर बिल्कुल फ्री कोचिंग मिलेगी, जो भी प्रतियोगी परीक्षाएं हैं, कॉम्पिटिटिव एग्जाम भी उन सबकी।
हालांकि अब इसको एक कहानी के तौर पर देखें तो समझते हैं। मान लीजिए राहुल एक छात्र है, उसके पापा की जो सैलरी थी वह कम थी इसलिए महंगी कोचिंग संभव नहीं थी उसके लिए।
अब वह ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और सरकारी मदद से अच्छी तैयारी कर सकता है। यह बजट उसके जैसे लाखों छात्रों का भविष्य बेहतर बना सकता है कि छात्र अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं, जैसे कि घर बैठे सरकारी प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें।
युवाओं और नौकरी चाहने वालों के लिए 2025-26 का बजट क्या-क्या है, उसमें चर्चा करें।
बजट 2025-26 युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें नौकरी, करियर और स्किल से जुड़ी हुई बातें हैं। सरकार की घोषणाएं - सरकारी और निजी नौकरियों के अवसर बढ़ाना, युवाओं के लिए स्किल सीखने की योजनाएं बनाई जाएंगी, स्टार्टअप और छोटे बिजनेस में मदद कैसे होगी इसकी भी चर्चा की जाएगी, ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर होंगे, यह सब उसमें शामिल है।
महत्वपूर्ण बातें यह हैं कि जो कम सैलरी वाले लोग हैं उनका टैक्स थोड़ा सा कम कर दिया जाएगा, उनके टैक्स में कमी कर दी जाएगी। अब क्या होता है कि अगर बात करें तो जो पढ़े-लिखे लोग नहीं होते हैं वह इधर-उधर भटकते हैं, उनको समझ में नहीं आता क्या करना है, कैसे बैंक अकाउंट खोलना है, कैसे पैसे जमा करें, कैसे लोन लें, सब प्रक्रिया समझ में नहीं आती है।
उसी की तरह जो टैक्स भरने की प्रक्रिया है वह, इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा, उसको आसान बना दिया जाएगा, सरकारी काम सीधे और सरल बनाए जाएंगे।
किसानों के लिए बजट -
किसानों के लिए बजट 2025-26 एक बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि किसान हमारे देश के असली हीरो हैं। इनको अगर राहत नहीं मिलेगी, हर चीज में जैसे कि खेती के क्षेत्र में, फसल में, अनाज वगैरा बेचने में इसमें फायदा नहीं मिलेगा तो किसान कैसे खेती करेंगे।
अगर हम उनको राहत नहीं देंगे तो उनको और कहां से राहत मिल पाएगी। इसी के लिए बजट 2025-26 बहुत महत्वपूर्ण है। भारत की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। बजट 2025-26 जो है किसानों की मदद कर सकता है। क्या होता है कि किसान मेहनत करते हैं और फसल तैयार करते हैं, जब उनको बेचने का समय आता है तो उनको उसके सही पैसे नहीं मिलते हैं, उनसे सही दाम नहीं मिल पाते हैं, उनको फायदा नहीं मिल पाता है। क्या होता है कि सिंचाई करते समय बीज के लिए, खाद के लिए पैसे चाहिए होते हैं।
खेती के लिए आसान और सस्ता लोन - किसानों के लिए अगर सस्ता लोन मिलेगा तभी तो वह लोग लोन लेकर बीज खरीद पाएंगे, खेती कर पाएंगे।
और अभी बात है कि खेती की आधुनिक तकनीक, मशीन और जानकारी। बीमा योजनाओं की सरकारी सहायता। अगर बात करें तो एक उदाहरण - सुनीता देवी एक किसान हैं, सरकारी मदद से उन्होंने बीज खरीदे, सिंचाई की व्यवस्था की। यह योजनाएं किसानों तक पहुंचनी चाहिए।
महिलाओं के लिए बजट 2025-26 -
महिलाओं के लिए विकास, शिक्षा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं का विकास देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं क्या-क्या हैं - सुरक्षित और साफ-सुथरे कार्यस्थल, मां और बच्चों की सेहत से जुड़ी योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना।
याद रखने वाली बात यह है कि मजबूत महिला का मतलब है मजबूत परिवार और मजबूत समाज। अगर महिलाएं मजबूत होंगी तो वे स्वयं भी अपनी भूमिका निभाएंगी और अपने परिवार को मजबूत करेंगी, समाज को मजबूत करेंगी। समाज को मजबूत बनाने का पहला कदम है महिलाओं का सशक्तिकरण।
सड़क, रेलवे और डिजिटल इंडिया -
देश के विकास के लिए अच्छी सड़कें, अच्छे रेलवे और तेज चलने वाली ट्रेनें बहुत जरूरी हैं। अगर बात करें तो अभी कुछ ट्रेनों की स्पीड बहुत कम होती है जिससे यात्रियों को परेशानी होती है, परंतु ट्रेन लंबा समय लेती है तो इसको तेज करने के लिए वंदे भारत ट्रेनें। इन क्षेत्रों में क्या हो सकता है - नई सड़कें और एक्सप्रेसवे, जो रेलवे होगा उसको और बढ़ाया जाएगा, मेट्रो का विकास जो भी होगा उसको बढ़ाया जाएगा। ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को आसान बनाया जाएगा। जो भी ऑनलाइन सरकारी काम है जो सरकार द्वारा चलाया जाता है, उसमें लोगों को समझ में नहीं आता है कि कैसे करते हैं, क्या करना है, उसको आसान बनाया जाएगा।
अगर हम बात करें कि आम आदमी जो है बजट 2025-26 से क्या-क्या सीख सकता है तो इसकी महत्वपूर्ण बातें हैं - बजट कैसे बनाया जाए, शिक्षा और नए स्कूल क्यों जरूरी हैं, सरकारी योजनाओं की जानकारी कैसे फायदेमंद है, बचत और भविष्य की तैयारी क्यों करनी चाहिए, यह सब।
बजट 2026: मंत्रालय-वार आवंटन (Ministry-wise Allocation)
| मंत्रालय (Ministry) | बजट आवंटन (₹ लाख करोड़ में) |
| वित्त मंत्रालय (Finance) | ₹19.72 लाख करोड़ |
| रक्षा मंत्रालय (Defence) | ₹7.85 लाख करोड़ |
| सड़क परिवहन एवं राजमार्ग (Road & Highways) | ₹3.10 लाख करोड़ |
| रेल मंत्रालय (Railways) | ₹2.81 लाख करोड़ |
| गृह मंत्रालय (Home Affairs) | ₹2.55 लाख करोड़ |
| उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण | ₹2.39 लाख करोड़ |
| ग्रामीण विकास मंत्रालय (Rural Development) | ₹1.97 लाख करोड़ |
| रसायन और उर्वरक (Chemicals & Fertilizers) | ₹1.77 लाख करोड़ |
| कृषि और किसान कल्याण (Agriculture) | ₹1.40 लाख करोड़ |
| शिक्षा मंत्रालय (Education) | ₹1.39 लाख करोड़ |
| स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (Health) | ₹1.07 लाख करोड़ |
| जल शक्ति मंत्रालय (Jal Shakti) | ₹0.95 लाख करोड़ |
| आवास और शहरी मामले (Housing & Urban) | ₹0.85 लाख करोड़ |
वित्त मंत्रालय को सबसे ज्यादा ₹19.72 लाख करोड़ इसलिए दिए गए हैं क्योंकि इसी पैसे से सरकार पुराने कर्जों का ब्याज चुकाती है और राज्यों को उनका हिस्सा देती है।"
बजट का निष्कर्ष - हम कह सकते हैं कि बजट 2025-26 में यह दिखाया गया है कि सरकार देश को किस दिशा में आगे ले जाना चाहती है। अगर छात्र और आम लोग बजट को ध्यान से समझें तो वे अपने भविष्य से जुड़े फैसले समझदारी से ले सकते हैं।
क्या आपको लगता है कि इस बजट से मिडिल क्लास को राहत मिलेगी? अपनी राय कमेंट में बताएं।






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